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पीएम मोदी की योजना लाई रंग, 'मेक इन इंडिया' ने 'मेड इन चाइना' को पछाड़ा

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  NEW DELHI: सस्ते और बेकार दर्जे के उत्पादों से दुनियाभर के बाजारों पर राज करने वाला चीन प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता और भरोसे के मामले में भारत में बने उत्पादों से मीलों पीछे छूटता जा रहा है। दुनिया के 49 बड़े देशों को लेकर सोमवार को जारी मेड इन कंट्री इंडेक्स (एमआइसीआइ-2017) में चीन भारत से सात पायदान पीछे पिछड़ गया है। सूचकांक में भारत को 36 अंक मिले हैं, जबकि चीन को 28 से ही संतोष करना पड़ा है। सौ अंकों के साथ पहले स्थान पर जर्मनी, दूसरे पर स्विट्जरलैंड है। स्टैटिस्टा और डालिया रिसर्च ने मिलकर यह रिसर्च दुनियाभर के 43,034 उपभोक्ताओं की संतुष्टि के आधार पर किया। सर्वे में उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा मानक, कीमत की वसूली, विशिष्टता, डिजायन, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, भरोसेमंद, टिकाऊपन, सही तरीके का उत्पादन और प्रतिष्ठा को शामिल किया गया है।

इंदिरा गांधी की वजह से आज रिक्शा चला रहा है 6 रियासतों का ये राजा

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New Delhi : 30 मार्च को राजस्थान का स्थापना दिवस है। जिसकी तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। इस मौके पर चैनल "CRACK WALL" आपको बता रहा है राजस्थान और देशभर से जुड़े यहां के कल्चर के बारे में। राजस्थान एक ऐसा राज्य है जहां के राजघरानों और महलों की चर्चा विदेशों तक में होती है। जो आज भी उसी ठाठ के साथ रहते हैं, लेकिन कई किस्से ऐसे भी हैं जिसमें राजस्थान सहित देश के कुछ राजघराने गुमनामी का शिकार हो गए। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से करीब 60 किमी दूर टिगिरिया रियासत के पूर्व राजा ब्रजराज महापात्रा कई नौकर-चाकर और 25 कारों के मालिक थे।  इनके पूर्वजों ने राजस्थान से टिगिरिया जाकर एक नई रियासत बसाई थी। तिगिरिया के राजा ओडिशा के आखिरी शासक माने जाते थे। एक जमाने में उनके पास 6 रियासतें और 25 लग्‍जरी कारें हुआ करती थीं। उनके महल में करीब 30 नौकर काम किया करते थे। वह अपने इलाके में अपने शाही शिकार के लिए भी मशहूर थे। उन्‍होंने 13 बाघों और 28 तेंदुओं का शिकार किया। हालांकि, आजादी के बाद उनका यह साम्राज्‍य धीरे-धीरे अपनी चमक खोता चला गया।  आजादी के बाद इस राजपरिवा...

गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ भाषण: सड़कों पर परेशान जोड़ों के लिए, 1 लाख रुपये कैलाश मानसरोवर सब्सिडी से, 10 कुंजी लेआउट

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आदित्यनाथ के स्वागत के लिए गोरखपुर की सड़क पर बड़े होर्डिंग और बैनर लगाए गए। रैली को संबोधित करने से पहले आदित्यनाथ ने अपने समर्थकों से मुलाकात की और बाद में जिला अधिकारी से। नव निर्वाचित उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नव निर्वाचित उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखपुर के अपने संसदीय क्षेत्र में पहली बार नई स्थिति लेने के बाद पहुंचे। वह हाल ही में आयोजित विधानसभा चुनावों में राज्य मुख्यमंत्री और उनकी पार्टी की ऐतिहासिक जीत के रूप में अपनी पदोन्नति मनाने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर हैं। आदित्यनाथ के स्वागत के लिए गोरखपुर की सड़क पर बड़े होर्डिंग और बैनर लगाए गए। रैली को संबोधित करने से पहले आदित्यनाथ ने अपने समर्थकों से मुलाकात की और बाद में जिला अधिकारी उनकी बैठक के तुरंत बाद, आदित्यनाथ ने गोरखपुर के महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में एक रैली को संबोधित करने के लिए कहा। गोरखपुर में अपने भाषण में आज यहां महत्वपूर्ण बातें हैं:  आदित्यनाथ ने गोरखपुर के लोगों और उनकी पार्टी में, उनका समर्थन करने के लिए सभी का धन्यवाद करके अपना भाषण शुरू किय...

छठी कक्षा में फेल होने के बाद यह लड़की सेल्फ स्टडी कर बनी UPSC टॉपर

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रूक्मणी भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षा मानी जाती है। इस परीक्षा में बैठने वाले लोग वे होते हैं जिनका पूरा करियर सफलताओं से भरा होता है, सामान्य विद्यार्थियों के लिए इस परीक्षा में पास होना सपने से कम नहीं होता। लेकिन रुक्मणी रायर हैं जो एक तरफ तो अपनी छठवीं की परीक्षा में फेल होती हैं और दूसरी तरफ बिना किसी कोचिंग के भारत की सबसे कठिन परीक्षा पास करती हैं। अविश्वनीय किन्तु सत्य है, रुक्मणी को बहुत साल पहले डलहौज़ी के एक बोर्डिंग स्कूल में डाला गया। अचानक हुए परिवर्तन से रुक्मणी स्कूल में एडजस्ट नहीं हो पा रही थीं। बोर्डिंग स्कूल के दबाव से उनकी पढ़ाई पर भी असर हो रहा था। लगातार उनकी पढ़ाई का स्तर नीचे जा रहा था और छठवीं की परीक्षा में रुक्मणी फेल तक हो गई। रुक्मणी रिजल्ट के बहुत दिनों तक डिप्रेशन में रही। नन्हीं सी रुक्मणी के दिल और दिमाग पर बेहद गहरा प्रभाव पड़ा। वह अपने दोस्तों से, अपने परिवार वालों से और यहाँ तक अपने माता-पिता से भी बात करने में शर्मिंदगी महसूस करने लगी। लेकिन इन सबसे वे बहुत मज़बूती से बाहर आईं और यह उनके लिए जिंदगी का एक ब...

सनसनीखेज ब्रेकिंग : नोटबंदी के बाद एक और ऐतिहासिक फैसला ,मोदी सरकार अब नहीं देगी ‘आरक्षण’

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 नरेन्द्र मोदी की कैबिनेट ने नोटबंदी के बाद आज एक और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को खत्म कर दिया है। नरेन्द्र दामोरदास मोदी  अब मोदी सरकार इसकी जगह एक नया आयोग बनाने जा रही है.मोदी सरकार के इस फैसले के बाद अब इसके लिए नेशनल कमीशन फॉर सोशल एंड एजुकेशनली बैकवर्ड क्लासेस का गठन होगा। देश में ओबीसी कैटेगरी के लिए भी एससी-एसटी कमीशन के जैसे ही NSEBC का गठन किया जाएगा। NSEBC एक संवैधानिक संस्था होती है। इसकी वजह से अब ओबीसी सूची में नई जाति का नाम जोड़ने अथवा हटाने के लिए संसद की मंजूरी जरूरी होगी। आज से पहले ऐसा नहीं होता था लेकिन अब इस फैसले के बाद ये जरूरी हो जायेगा ये फैसला सरकार ने बहुत सोच समझ के लिया है मोदी सरकार ने यह फैसला जाट आरक्षण समेत देश में ओबीसी आरक्षण की अन्य मांगों को ध्यान में रखते हुए लिया है। मोदी सरकार के फैसले के तहत संविधान में संशोधन कर पिछड़ा वर्ग आयोग की जगह नए आयोग का गठन किया जाएगा। केंद्र सरकार के मुताबिक सामाजिक शैक्षिक तौर पर पिछड़ों की नई परिभाषा बनाई जाएगी। मोदी सरकार ने यह फैसला पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण क...

मध्यप्रदेश में मिला दुनिया का 9वां अजूबा!!........ अजूबा भी ऐसा जिसे देख दुनिया है हैरान

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 सिंगरौली  हम आपको ऐसे हुनर से परिचित कराने जा रहे है जिसकी कल्पना आपने कभी नहीं की होगी। यह हुनर देख आप कह उठेंगे अद्भुत, अकल्पनीय और अविश्वसनीय। भले ही यह हुनर देश में चर्चा का विषय अभी नहीं बना बन पाया हो पर इसके कायल विदेशी जरूर हैं वे इसे विश्व का 9वां अजूबा कहते हैं। यहां बात हो रही है देश की ऊर्जाधानी सिंगरौली मप्र के छोटे से गांव बुधेला के वीणा वादिनी पब्लिक स्कूल की। सबसे अधिक हैरानी की बात तो यह हे कि एक दशक से भी पहले लायंस क्लब इंटरनेशनल के तत्कालीन चेयरमैन जेनिस रोज ने सिंगरौली भ्रमण के दौरान इस अदभुत दृश्य को देखा था तो देखते रह गए थे।  कंप्यूटर से भी तेज़ रफ़्तार   उन्होंने इन बच्चों को दुनिया का नौंवा अजूबा बता दिया था। लेकिन यह बात दुनिया के फलक तक नहीं पहुंची। वर्तमान में विद्यालय में अध्ययनरत करीबे दो सौ बच्चे दोनों हाथ से एक साथ लिखने की कला में पारंगत हो चुके हैं। कम्प्यूटर के की बोर्ड से भी तेज रफ्तार से उनकी कलम चलती है। जिस कार्य को सामान्य बच्चे आधे घंटे में पूरा कर पाते उसे वह मिनटों में निपटा देते हैं। दो भाषाओं में एक ...

गोरखपुर से लगातार 5 बार से सांसद, "योगी आदित्यनाथ " जी होंगे उत्तर प्रदेश के नये मुख्यमन्त्री

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उत्तर प्रदेश  के  मुख्यमन्त्री पूर्वा धिकारी अखिलेश यादव चुनाव-क्षेत्र गोरखपुर पदस्थ कार्यालय ग्रहण  19 मार्च 2017 जन्म 5 जून 1972  (आयु 44 वर्ष) पंचूड़,  पौड़ी गढ़वाल ,  उत्तराखण्ड राष्ट्रीयता भारतीय राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी निवास गोरखनाथ मठ ,  गोरखपुर धर्म हिन्दू  (नाथ सम्प्रदाय) परिचय:   योगी आदित्यनाथ   (जन्म नाम   अजय सिंह नेगी , जन्म 5 जून 1972)   उत्तर प्रदेश   के   मुख्यमन्त्री   हैं।   ये   गोरखपुर   के प्रसिद्ध   गोरखनाथ मंदिर   के महन्त भी हैं। वे   2014 लोक सभा चुनाव   में   भारतीय जनता पार्टी   के टिकट पर   गोरखपुर   से लोक सभा सांसद चुने गए। वे 1998 से लगातार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।   आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर के पूर्व महन्त अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी हैं। वह   हिन्दू युवा वाहिनी   के संस्थापक भी हैं, जो कि हिन्दू युवाओं का सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी समूह है। ...